अन्तर्विभागीय आदेश देने, सूचना प्रसारित करने, कर्मचारियों के प्रार्थना-पत्रों, याचिकाओं का उत्तर देने, उन्हें चेतावनी देने आदि के लिए ज्ञापन का उपयोग होता है। अंग्रेजी में इसे Memorandum (मेमोरेण्डम) कहा जाता है तथा संक्षेप में इसे मेमो से जाना जाता है।
इसका प्रयोग अन्तर्विभागीय कर्मचारियों से स्पष्टीकरण माँगने, उन्हें अनेकशः अनुमति प्रदान करने और कार्यालयीन व्यवस्था से सम्बद्ध परिपत्र जारी करने के लिए भी किया जाता है। ज्ञापन का एक प्रकार कार्यालय ज्ञापन भी है। इन दोनों में बहुत कम अन्तर होता है। वैसे आदेश जो पूर्णतः शासकीय नहीं होते हैं, उन्हें ज्ञापन के माध्यम से ही प्रेषित किया जाता है।
ज्ञापन के प्रकार - रूपरेखा व विशेषताओं की दृष्टि से ज्ञापन के दो रूप होते हैं -
(1) ज्ञापन - जब कोई संस्था/संघ/समुदाय तथा किसी अधिकारी या संस्था को किसी विषय में ज्ञापन देती है तो यह आवेदन पत्र शैली में होता है। ये पूरी तरह सरकारी नहीं होते तथा अन्य पुरुष की शैली में लिखा जाता है। ज्ञापन के अंत में दाहिनी ओर भेजने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर व पदनाम तथा बाईं ओर पाने वाले अधिकारी का नाम व पदनाम लिखा होता है।
(2) कार्यालय ज्ञापन - एक ही कार्यालय के अन्तर्गत अन्तर्विभागीय आदेश आदि देने के लिए कार्यालय ज्ञापन का प्रयोग किया जाता है। कार्यालय ज्ञापन को पत्र शैली में न लिखकर आदेश-शैली में लिखा जाता है। यह भी अन्य पुरुष शैली में लिखा जाता है तथा इसमें किसी प्रकार का सम्बोधन नहीं होता। कार्यालय ज्ञापन के अन्त में केवल प्रेषक के हस्ताक्षर और उसका पदनाम दिया जाता है।